000 00517nam a22001097a 4500
082 _a294
100 _aडाॅ प्रेम भारती
_983942
245 _aराष्‍ट्र तुम्‍हारा ऋणी रहेगा कृष्‍ण श्रीमद भगवत गीता पर एक सार्थक चिन्‍तन
260 _aदिल्‍ली
_bआर के पब्लिशर्स
_c2025
650 _aभारतीय धर्म
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942 _cHIN
999 _c68956
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